उत्तर प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत: स्मार्ट और प्रीपेड मीटर के नियमों में सरकार ने किए बदलाव
लखनऊ | उत्तर प्रदेश में स्मार्ट और प्रीपेड मीटर का उपयोग कर रहे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सरकार ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहत भरा निर्णय लिया है।
प्रदेश में बिजली विभाग ने उन उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए, जो अपनी दैनिक आय और व्यस्तताओं के चलते समय पर प्रीपेड मीटर रिचार्ज नहीं कर पा रहे थे, नियमों में ढील दी है।
ऊर्जा विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, अब उपभोक्ताओं को बिजली कटौती की चिंता से बड़ी राहत मिलेगी।

क्या हैं नई सुविधाएं?
- 1 किलोवाट के उपभोक्ताओं को मासिक बिलिंग जैसी सुविधा: सबसे कम भार वाले (1 किलोवाट) घरेलू उपभोक्ता अब अपने प्रीपेड मीटर को सामान्य पोस्ट-पेड मीटर की तरह ही उपयोग कर सकेंगे। इन्हें अब बार-बार रिचार्ज की चिंता नहीं करनी होगी; वे 30 दिन की अवधि के भीतर कभी भी अपना बिल/रिचार्ज जमा कर सकते हैं और इस दौरान बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
- 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को ‘इमरजेंसी क्रेडिट’ की सुविधा: 2 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बैलेंस शून्य होने पर भी अगले 3 दिन तक या 200 रुपये के निगेटिव बैलेंस तक बिजली नहीं काटी जाएगी।
- अवकाश के दिनों में बिजली कटौती पर रोक: नए निर्देशों के तहत, अब रविवार या किसी भी सार्वजनिक अवकाश/त्योहार के दिन बिजली बिल्कुल नहीं काटी जाएगी।
- सतर्कता के लिए एसएमएस अलर्ट: स्मार्ट मीटर में बैलेंस कम होने पर उपभोक्ताओं को अब पांच बार एसएमएस के जरिए सूचित किया जाएगा, ताकि वे समय रहते रिचार्ज कर सकें।
- तत्काल बहाली: रिचार्ज करने के बाद विद्युत आपूर्ति तुरंत बहाल हो, इसके लिए 24×7 तकनीकी और प्रशासनिक टीमों को तैनात किया गया है।
- पुराने मीटर बदलने का कार्य स्थगित: फिलहाल पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया को रोक दिया गया है। साथ ही, मौजूदा स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया गया है।
ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट किया है कि चिलचिलाती गर्मी में आमजन को बिजली संबंधी कोई असुविधा न हो, इसके लिए विभाग पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और ‘ऊर्जा परिवार’ इस दिशा में चौबीसों घंटे कार्यरत है।
स्रोत: उत्तर प्रदेश ऊर्जा विभाग (विद्युत विभाग) के हालिया प्रशासनिक निर्देश।
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